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Monday, June 23, 2008

मई माह की अनुशंशाये

सिंचाई की सुविधा होने पर आम,अमरुद,कटहल जैसे बड़े पेड़ों की छाया में अदरक (किस्म-सुप्रभा)और हल्दी(किस्म-रोमा) की ख्हेती करें(३१.०५.०८)
खरीफ आदानों की नकद खरीद कर विक्रेता से पक्की रसीद लें और धोखाधड़ी से बचें. ठगे जाने पर उपभोक्ता फोरम से सम्पर्क करें
रीवा जिले में उचहन धान लेने के लायक  उचित किस्म जे आर २०१, वंदना और जर ७५ हैं जो ९० -१०० दिनों में पककर तैयार होती है
फलदार पौधों को लगाने के लिए इस माह में उचित आकर के (७५-१०० सेंटीमीटर) लंबे, चौड़े और गहरे गड्ढे खोदकर धुप दिखाने छोड़ दे
अपने खेत की मिटटी की जांच के लिए विधिवत नमूने इकठ्ठा कर जाँच के लिए दें ।रपट  आने के बाद अनुसंशित मात्र में खाद डालें ।
फसलों की कटाई के बाद भूमि की गहरी जुताई करें, जिससे कड़ी धूप में नींदा, कीट एवं रोगाणु का नाश होगा और लागत में कमी आएगी।

शुभकामनायें .

मई माह की अनुशंशाये

मई माह में सिंचित अवस्था में ७-८ क्विंटल / एकड़ की बीज दर से आम, अमरुद तथा कटहल की छाया में अदरक (किस्म- सुप्रभा) , / हल्दी (किस्म- रोमा) की खेती करें।
रीवा जिले में मध्यम अवधि (१००-११० दिन की) धान की प्रजातियाँ आई आर-३६ , पी एस -३ पूर्णिमा, संकर किस्मों में जे आर एच-४ एवं जे आर एच-५ हैं।